Solar System in Hindi -सौरमंडल में ग्रह (Planets)

Solar System in Hindi -सौरमंडल में ग्रह (Planets)

 

बुध (Mercury)

इसका गुरुत्वाकर्षण (gravity) पृथ्वी का 3/8 भाग है.

परिमाण (mass) में यह पृथ्वी का 18वां भाग है.

यहाँ दिन अत्यधिक गर्म और रातें बर्फीली होती हैं.

यह सूर्य के चारों ओर 88 दिन में एक बार चक्कर (rotation) लगाता है.

अपनी धुरी (axis) पर 58.65 दिल में एक घूमता है.

यह सबसे छोटा ग्रह है (smallest planet)

यह सूर्य के सबसे निकट है (nearest to the sun).

 

शुक्र (Venus)

यह सूर्य की परिक्रमा 225 दिन में पूरी करता है.

इसे पृथ्वी की बहन (sister planet of the earth) भी कहा जाता है क्योंकि पृथ्वी और शुक्र के कई लक्षण (features) एक समान हैं (भार, आकार etc)…

इसका कोई उपग्रह (satellite) नहीं है.

शुक्र ग्रह के में 90-95 % CO2 है.

यहाँ रात तथा दिन के तापमान (temperature) लगभग समान होते हैं.

यह सबसे गर्म ग्रह है (hottest planet) —लोग बुध को सबसे गर्म ग्रह मानने की गलती कर देते हैं क्योंकि वह सूर्य के सबसे नजदीक है.

यह “शाम का तारा- evening star” और “सुबह का तारा- morning star” के रूप में ज्यादा प्रसिद्ध है.

यह सौरमंडल में सूर्य से दूसरे निकटतम स्थान पर है.

इसके चारों और Sulfuric Acid के जमे हुए बादल हैं.

यह ग्रहों में पृथ्वी के निकटतम (nearest to the earth) है.

 

मंगल (Mars)

मंगल के दो ध्रुव (poles) हैं तथा यहाँ भी पृथ्वी की भांति ऋतु परिवर्तन (climate change) होता है.

ऐसा पृथ्वी की तरह इसकी धुरी झुकी होने के कारण होता है.

सूर्य से इसकी दूरी 22.79 cr km. है.

इस ग्रह को  “लाल ग्रह” (red planet)  भी कहते हैं.

सबसे ऊंचा पर्वत “निक्स ओलम्पिया” (Nix Olympia)  है जो एवरेस्ट से भी तीन गुना ऊँचा है.

इसके दो उपग्रह हैं – फोबस और डीमोस (Phobos and Deimos)

यह सौरमंडल में सूर्य से चौथे स्थान पर स्थित है.

 

बृहस्पति (Jupiter)

इसके 79 उपग्रह (satellites) हैं.

इसके वायुमंडल  में अधिकांशतः हाइड्रोजन (hydrogen) और हीलियम (helium) गैसें हैं.

इसकी अपनी रेडियो उर्जा (radio energy) है.

यह तारों की तरह सूर्य से प्राप्त ऊर्जा (energy) से दोगुनी या तिगुनी ऊर्जा उत्सर्जित (release) करता है.

इसका द्रव्यमान सौरमंडल के सभी ग्रहों का 71% एवं आयतन (volume) उनका डेढ़ गुना है.

यह सूर्य की परिक्रमा (orbit)  में 11.9 वर्ष लगाता है.

इसका घनत्व (density) पृथ्वी के घनत्व का एक चौथाई है.

यह सूर्य से पाँचवे स्थान पर है.

शनि के समान इसके उपग्रहों में कुछ विपरीत तो कुछ अनुकूल दिशा में परिक्रमा करते हैं.

यह सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह है.

शनि (Saturn)

इसके उपग्रह “टाइटन” पर नाइट्रोजन वाला atmosphere है.

इसका घनत्व पृथ्वी से कम है.

यह सूर्य से छठे स्थान पर स्थित है.

इसका सबसे बड़ा उपग्रह टाइटन (Titan) है.

यह सूर्य की परिक्रमा 29.5 वर्ष में पूरी करता है.

इसका व्यास (diameter) 1,20,0000 कि.मी. है.

इसके उपग्रह हैं – 82 (अभी तक माना जाता रहा है कि सौर मंडल में जिस ग्रह के पास सबसे ज्यादा चंद्रमा हैं, वह ग्रह वृहस्पति (79 चन्द्रमा) है. परन्तु पिछले दिनों शनि के 20 नए चंद्रमाओं का पता चला जिससे इस ग्रह की चंद्रमाओं की पूर्ण संख्या 82 हो गई है अर्थात् अब शनि सबसे अधिक चंद्रमाओं वाला ग्रह हो गया है. इस प्रकार की घोषणा पिछले दिनों अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ के क्षुद्र ग्रह केंद्र ने की)

यह बृहस्पति के बाद दूसरा सबसे बड़ा ग्रह है.

यह नंगी आँखों द्वारा दिखने वाला सबसे दूर का ग्रह (farthest planet) है.

 

अरुण (Uranus)

यह एकमात्र ऐसा planet है जो एक ध्रुव से दूसरे ध्रुव तक अपने परिक्रमा कक्ष (orbit) में लगातार सूर्य के सामने रहता है.

यह 84 वर्ष में सूर्य की परिक्रमा करता है.

इस ग्रह की खोज (discovery) 1781 ई. में William Herschel ने की थी.

इसके वायुमंडल में मिथेन गैस (methane gas) हैं.

इसके चारों और पाँच बहुत धुँधले वलय (rings) अल्फ़ा (alpha), बीटा (beta), गामा (gamma), डेल्टा (delta) और इप्सिलान (epsilon) के हैं.

इसके 15 उपग्रह हैं.

यह ग्रह सूर्य से सातवें स्थान  पर स्थित है.

 

वरुण (Neptune)

यह सौरमंडल का तीसरा पिंड (third body) है, जहाँ जागृत ज्वालामुखी (active volcano) पाया गया है.

“ट्राइटन (triton)” और “Proteus” दो उपग्रह इसके सबसे बड़े उपग्रहों में से हैं. टाइटन उपग्रह पर वायुमंडल है. इसमें मुख्यतः नाइट्रोजन व्याप्त है.

यह सूर्य से आठवाँ सबसे दूर स्थित planet है (farthest from the sun).

 

यम (Pluto)

1930 में अमेरिकी खगोलशास्त्री Clyde Tombaugh ने प्लूटो को खोज निकाला और इसे सौर मण्डल का नौंवा ग्रह माना था.

प्लूटो के पाँच ज्ञात उपग्रह हैं – शैरन (Charon) सबसे बड़ा है.

यह सूर्य से 3.67 बिलियन मील दूर है और यह सूर्य की परिक्रमा 248 वर्ष में पूरी करता है.

इसका व्यास 2,376.6 कि.मी. है.

प्लूटो बौने ग्रह (dwarf planet) की श्रेणी में आता है.  अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ ने 3 सितम्बर 2006 को ऐलान किया कि प्लूटो ग्रह नहीं है.

यह नव अण्वेषित कुईपर बेल्ट का एक बड़ा पिंड है.

 

पृथ्वी (Earth)

पृथ्वी अपने कक्ष तल (Plane of orbit) के साथ 66½° कोण बनाती है.

न्यूनतम दूरी की अवस्था को उपसौर (Perihelion) एवं अधिकतम दूरी की अवस्था को सूर्योच्च (Aphelion) कहा जाता है.

पृथ्वी का परिभ्रमण पथ दीर्घ (Elliptical) है एवं पृथ्वी तथा सूर्य के बीच की दूरी में परिवर्तन होता रहता है. यह दूरी 3 जनवरी को न्यूनतम (minimum) एवं 4 जुलाई को अधिकतम (maximum) होती है.

पृथ्वी की दैनिक घूर्णन गति के कारण दिन एवं रात तथा वार्षिक परिभ्रमण गति के कारण ऋतु परिवर्तन होता है.

पृथ्वी का 71% भाग जलमंडल (hydrosphere) एवं 29% भाग स्थलमंडल (lithosphere) है.

पृथ्वी अपनी धुरी पर पश्चिम से पूर्व की ओर 1610 कि.मी. प्रति घंटे की गति से 23 घंटे 56 मिनट एवं 4 सेकंड में एक चक्कर लगाती है.

पृथ्वी 107160 कि.मी. प्रति घंटे की गति (speed per hour) से 365 दिन, 5 घंटे, 48 मि. एवं 46 सेकंड में सूर्य का चक्कर लगाती है.

पृथ्वी की भूमध्यरेखीय परिधि (equatorial circumference) 40, 075 किलोमीटर (24, 900 मील) है.

21 मार्च एवं 23 सितम्बर को विषुवत् रेखा पर सूर्य की किरणें लम्बवत् पड़ती हैं. इस दिन पृथ्वी पर सभी जगह दिन एवं रात को अवधि समान (12-12 घंटे) होती है.

इसी प्रकार 22 दिसम्बर को मकर रेखा पर सूर्य की किरणें लम्बवत् पड़ती हैं जिसे Winter Solstice कहा जाता है और इस तिथि को दक्षिणी गोलार्ध (south hemisphere) में दिन की अवधि सर्वाधिक लम्बी होती है.

21 June को कर्क रेखा पर सूर्य की किरणें 90° लम्बवत् पड़ती हैं, अतः इस तिथि को उत्तरी गोलार्ध में दिन की अवधि सर्वाधिक लम्बी होती है जिसे Summer Solstice कहा जाता है.

पृथ्वी का भूमध्यरेखीय व्यास (equatorial diameter) 12,757 कि.मी. (7,927 मील) एवं ध्रुवीय व्यास (polar diameter) 12,714 कि.मी. (7,900 मील) है.

 

Leave a Comment