लिंग: परिभाषा, अर्थ, पहचान भेद और उदाहरण

हिंदी भाषा में लिंग: परिभाषा, अर्थ, पहचान भेद और उदाहरणका अध्ययन छात्रों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यह ज्ञान उन्हें शब्दों को सही रूप में प्रयोग करने में मदद करता है, जिससे सही संज्ञा, सर्वनाम, और क्रिया के उपयोग का ज्ञान होता है। इससे उनकी भाषा ज्ञान और साहित्यिक कौशल में सुधार होता है। यह जानकारी भाषा के सामाजिक और सांस्कृतिक पहलुओं को समझने में भी सहायक होती है।

 

लिंग: परिभाषा, अर्थ, पहचान भेद और उदाहरण

लिंग की परिभाषा

लिंग उन शब्दों का रूप होता है जिनसे स्त्री और पुरुष में अंतर किया जा सके। यानी अगर स्त्री और पुरुष का बोध कराते हो, उन्हें लिंग कहा जाता है।

जैसे

  • कवि – कवियत्री
  • घोड़ा – घोड़ी
  • पंडित – पंडिताइन
  • माली – मालिन
  • राजा – रानी
  • लड़का – लड़की
  • लेखक – लेखिका
  • सम्राट – सम्राज्ञी

 

लिंग का अर्थ

लिंग का शाब्दिक अर्थ है— निशान के साथ पहचान का साधन, शब्द के जिस रूप से यह जाना जाय कि वर्णित वस्तु या व्यक्ति पुरूष जाति का है, या स्त्री जाति का, उसे लिंग कहते है।
लिंग के द्वारा संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण आदि शब्दों की जाति का बोध होता है । जिसमें संज्ञा के दो रूपों को बताया गया हैं।

एक,  प्राणिवाचक संज्ञा- घोड़ा-घोड़ी, माता-पिता, लड़का-लड़की इत्यादि।
दूसरा,अप्राणिवाचक संज्ञा– गिलास, प्याली, पेड़, पत्ता इत्यादि।

 

लिंग के भेद

लिंग के मुख्यतः तीन भेद होते हैं-

पुल्लिंग

स्त्रीलिंग

नपुंसकलिंग

पुल्लिंग किसे कहते है?

शब्द का वह रूप जिससे पता लगाया जाता है कि वह पुरुष जाति का है, उन्हें पुल्लिंग कहा जाता है। जैसे बेटा, कुत्ता, लड़का, घोड़ा, भेड़ आदि।

उदाहरण

  • सजीव : लड़का, आदमी, शेर, बन्दर, कुत्ता, बालक, शिशु, राजकुमार आदि।
  • निर्जीव : कपड़ा, वसंत, लगान, नक्शा, भाग्य, मटर, दबाव आदि।

स्त्रीलिंग किसे कहते हैं?

शब्द का वह रूप जिससे पता लगाया जाता है कि वह स्त्री जाति है, उन्हें स्त्रीलिंग कहा जाता है। जैसे बेटी, पुत्री, शिक्षिका, गाय, मोरनी आदि।

उदाहरण

  • सजीव : माता, लड़की, गाय, बकरी, बंदरिया, बुढिया, , राजकुमारी, आदि।
  • निर्जीव : सड़क, , छत, किताब, परत, , गंगा, शाखा, आदि।

कुछ पुल्लिंग शब्द एवं उनका वाक्य में प्रयोग

यहाँ लिंग में पुल्लिंग शब्द के कुछ उदाहरण हैं I

  • इंधन : इंधन जलाने से प्रदुषण होता है।
  • अकाल : हमारे यहाँ हर साल अकाल पड़ता है।
  • आँसू : मेरी आँखों से आंसू आ रहे हैं।
  • क्रोध : क्रोध करना हमारे स्वास्थ के लिए हानिकारक है।
  • होश : उस लड़की को देखते ही मेरे होश उड़ गए।

कुछ स्त्रीलिंग शब्द एवं उनका वाक्य में प्रयोग 

  • खोज : कोलंबस ने अमेरिका की खोज की थी।
  • किताब : किताब हमारी सबसे अच्छी दोस्त होती हैं।
  • उम्र : मेरी उम्र बढ़ती जा रही है।
  • धूप : आज सुनहरी धुप खिल रही है।
  • चमक : तुम्हारी वह चमक अब नहीं रही।

लिंग के उदाहरण

लिंग के महत्वपूर्ण उदाहरण

पुल्लिगं – स्त्रीलिंग

अग्रज- अग्रजा

अभिनेता- अभिनेत्री

आचार्य- आचार्या

आत्मज- आत्मजा

इंद्र- इंद्राणी

ऊंचा – ऊंची

ऊंट – ऊंटनी

कबूतर- कबूतरी

कर्ता- करती

कांत- कांता

काना– कानी

काला- काली

कुत्ता- कुतिया

कुम्हार- कुम्हारिन

क्षत्रिय- क्षत्राणी

गधा- गधी

गायक- गायिका

गुड्डा- गुड़िया

गूंगा- गूंगी

घोड़ा -घोड़ी

चंचल- चंचला

चंद्र- चांदनी

चाचा – चाची

चालक – चालिका

चिड़ा- चिड़ी

चीता- मादा चिता

चूहा- चुहिया

छाता- छतरी

डिब्बा- डिब्बी

डॉक्टर- डॉक्टरनी

तनुज- तनुजा

तपस्वी- तपस्विनी

तार्किक- तर्किकि

तेजस- तेजस्वी

तोता- मैंना

दाता- दात्री

दादा – दादी

दास- दासी

देव- देवी

देवता- देवती

नाग- नागिन

नाटा – नाटी

नाता- नाती

नाना- नानी

नीरज- नीरजा

नेत्र- नेत्री

पंडित- पंडितानी

पत्र- पत्रिका

पहलवान- मादा पहलवान

पहाड़- पहाड़ी

पाठक- पाठिका

पूज्य- पूज्या

पोता- पोती

प्रिय- प्रिया

बंदर- बंदरिया

बकरा- बकरी

बलवान- बलवंती

बहरा- बेहरी

बाघ- बाघिन

बाल- बाला

बालक- बालिका

बूढ़ा- बूढ़ी

बेटा- बेटी

बेल- गाय

ब्राह्मण- ब्राह्मणी

भाई- बहन

भाई- भाभी

भिक्षुक- भिक्षुका

भैंसा- भैंस

मर्द- औरत

माधव- माधवी

मामा – मामी

माली- मालिनी

मुर्गा- मुर्गी

राक्षस- राक्षसी

राजपूत- राजपूतानी

राजा- रानी

लोभी- लोभिनि

विदूषक- विदुषी

विधुर- विधवा

शेर- शेरनी

श्रीमान- श्रीमती

सबल- सबला

साधु- साध्वी

सुत- सुता

स्वामी- स्वामिनी

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