हरियाणा सरकार ने कृषि क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य में प्राकृतिक खेती (Natural Farming) को बढ़ावा देने के लिए नई पहल Haryana Natural Farming Scheme 2026 की घोषणा की है। इस योजना के तहत कुरुक्षेत्र जिले में 2,000 एकड़ के बड़े क्लस्टर में प्राकृतिक खेती शुरू की जाएगी। सरकार का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, खेती की लागत कम करना और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता घटाना है।
यह पहल हरियाणा को प्राकृतिक एवं टिकाऊ कृषि (Sustainable Agriculture) के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
प्राकृतिक खेती क्या है?
प्राकृतिक खेती ऐसी कृषि पद्धति है जिसमें रासायनिक उर्वरकों, कीटनाशकों और अन्य कृत्रिम कृषि उत्पादों का उपयोग न्यूनतम या बिल्कुल नहीं किया जाता है।
इस खेती में मुख्य रूप से निम्नलिखित संसाधनों का उपयोग किया जाता है:
- गोबर
- गौमूत्र
- जीवामृत
- बीजामृत
- प्राकृतिक जैविक खाद
- मल्चिंग तकनीक
इसका उद्देश्य मिट्टी की उर्वरता बनाए रखना और पर्यावरण संरक्षण करना है।
Haryana Natural Farming Scheme 2026 क्या है?
हरियाणा सरकार द्वारा शुरू की गई यह पहल प्राकृतिक खेती को बड़े स्तर पर लागू करने की योजना है।
मुख्य विशेषताएं:
- कुरुक्षेत्र में 2,000 एकड़ का प्राकृतिक खेती क्लस्टर विकसित किया जाएगा।
- किसानों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
- प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों को आर्थिक सहायता दी जाएगी।
- आधुनिक तकनीक और स्मार्ट कृषि मॉडल का उपयोग किया जाएगा।
- कृषि विश्वविद्यालयों एवं विशेषज्ञ संस्थानों का सहयोग लिया जाएगा।
योजना का उद्देश्य
इस योजना के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
1. रासायनिक खेती पर निर्भरता कम करना
अत्यधिक रासायनिक उर्वरकों के उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित होती है। प्राकृतिक खेती इस समस्या का समाधान प्रस्तुत करती है।
2. किसानों की लागत कम करना
प्राकृतिक खेती में स्थानीय संसाधनों का उपयोग किया जाता है जिससे खेती की लागत घटती है।
3. पर्यावरण संरक्षण
रासायनिक पदार्थों का कम उपयोग जल, मिट्टी और वायु प्रदूषण को कम करता है।
4. स्वस्थ खाद्य उत्पादन
प्राकृतिक खेती से उत्पन्न फसलें अधिक सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक मानी जाती हैं।
5. किसानों की आय बढ़ाना
जैविक और प्राकृतिक उत्पाद बाजार में बेहतर मूल्य प्राप्त कर सकते हैं।
किसानों को मिलने वाली सहायता
हरियाणा सरकार द्वारा घोषित प्रमुख सहायता:
₹10,000 प्रति एकड़ वार्षिक सहायता
APEDA द्वारा प्रमाणित प्राकृतिक/जैविक खेती करने वाले किसानों को:
- ₹10,000 प्रति एकड़ प्रति वर्ष
- लगातार 5 वर्षों तक
सहायता प्रदान की जाएगी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम
किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
तकनीकी मार्गदर्शन
कृषि वैज्ञानिक और विशेषज्ञ किसानों को नियमित सलाह देंगे।
कृषि भूमि उपलब्ध कराना
राज्य सरकार कृषि विभाग की लगभग 800 एकड़ भूमि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए उपलब्ध कराने की योजना पर कार्य कर रही है।
Haryana Natural Farming योजना के संभावित लाभ
किसानों के लिए
- खेती की लागत में कमी
- उर्वरक खर्च में बचत
- बेहतर बाजार मूल्य
- आय में वृद्धि
पर्यावरण के लिए
- मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार
- जल संरक्षण
- जैव विविधता का संरक्षण
- कार्बन उत्सर्जन में कमी
उपभोक्ताओं के लिए
- रसायन मुक्त खाद्य पदार्थ
- बेहतर पोषण
- स्वास्थ्य लाभ
Smart Agriculture Model क्या है?
हरियाणा सरकार प्राकृतिक खेती को केवल पारंपरिक कृषि तक सीमित नहीं रखना चाहती।
इस पहल में:
- आधुनिक कृषि तकनीक
- डिजिटल निगरानी
- वैज्ञानिक अनुसंधान
- स्मार्ट सिंचाई प्रणाली
जैसी सुविधाओं को भी शामिल किया जाएगा।
इसी कारण इसे Smart Agriculture Initiative का हिस्सा माना जा रहा है।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | Haryana Natural Farming Scheme 2026 |
| राज्य | हरियाणा |
| प्रमुख जिला | कुरुक्षेत्र |
| क्लस्टर क्षेत्र | 2,000 एकड़ |
| आर्थिक सहायता | ₹10,000 प्रति एकड़ प्रति वर्ष |
| सहायता अवधि | 5 वर्ष |
| लाभार्थी | प्राकृतिक/जैविक खेती करने वाले किसान |
| प्रमाणन संस्था | APEDA |
| उद्देश्य | प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना |
| विशेष फोकस | टिकाऊ कृषि एवं पर्यावरण संरक्षण |
Conclusion(निष्कर्ष):
Haryana Natural Farming Scheme 2026 राज्य की कृषि व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है। 2,000 एकड़ के क्लस्टर में प्राकृतिक खेती शुरू करने की यह पहल किसानों की आय बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ कृषि को प्रोत्साहित करने की दिशा में बड़ा कदम है। यदि यह मॉडल सफल होता है, तो भविष्य में इसे राज्य के अन्य जिलों में भी लागू किया जा सकता है।
Quick Revision (Exam Point of View)
✔ राज्य – हरियाणा
✔ जिला – कुरुक्षेत्र
✔ क्लस्टर – 2,000 एकड़
✔ सहायता – ₹10,000 प्रति एकड़ प्रति वर्ष
✔ अवधि – 5 वर्ष
✔ संस्था – APEDA
✔ विषय – प्राकृतिक खेती
✔ उद्देश्य – टिकाऊ कृषि एवं किसानों की आय वृद्धि
Frequently Asked Questions(FAQ):
प्रश्न 1:हरियाणा सरकार प्राकृतिक खेती का 2,000 एकड़ क्लस्टर किस जिले में विकसित करेगी?
उत्तर: कुरुक्षेत्र
प्रश्न 2:प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों को कितनी आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी?
उत्तर: ₹10,000 प्रति एकड़ प्रति वर्ष
प्रश्न 3:यह सहायता कितने वर्षों तक प्रदान की जाएगी?
उत्तर: 5 वर्ष
प्रश्न 4:प्राकृतिक खेती के प्रमाणीकरण से संबंधित संस्था कौन है?
उत्तर: APEDA
प्रश्न 5:प्राकृतिक खेती का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करना और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देना।